क्या आप फेफड़ों का असली आकार और वजन जानते हैं ?
परिचय
हम सांस लेते हैं, लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि
यह काम करने वाले अंग कितने बड़े हैं या इनका वजन कितना है? फेफड़े हमारे शरीर के सबसे
महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, जो
लगातार काम करते रहते हैं बिना
किसी रुकावट के, बिना
किसी छुट्टी के। औसतन एक व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 20,000 बार सांस लेता है, और यह सारा काम हमारे फेफड़े ही
करते हैं? आइए आज के इस ब्लॉग लेख में
फेफड़ों के असली आकार, वजन
और उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से जानें।
फेफड़ों की संरचना
फेफड़े छाती की गुहा में स्थित स्पंजी और लचीले अंग हैं। मानव शरीर में दो फेफड़े होते हैं दायां और बायां। दायां फेफड़ा तीन लोबों (खंडों) में विभाजित होता है, जबकि बायां फेफड़ा हृदय के लिए स्थान छोड़ने के कारण दो लोबों का होता है। फेफड़ों के भीतर श्वासनलिकाएँ (ब्रोंकाई) कई छोटी शाखाओं में विभाजित होकर ब्रोंकिओल्स बनाती हैं। इनके अंतिम सिरों पर लाखों सूक्ष्म वायुकोष (एल्वियोली) होते हैं, जहाँ ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान होता है। फेफड़े एक पतली झिल्ली, प्लूरा, से ढके होते हैं जो उन्हें सुरक्षा और चिकनाई प्रदान करती है।
फेफड़े शंक्वाकार (cone-shaped) आकार के होते हैं,नुकीले (apex) होते है, जो गर्दन तक जाते है, और निचला सिरा चपटा (base) होता है, जो डायाफ्राम पर टिका होता है।
- दायां फेफड़ा- 3 भागों (लोब) में बंटा होता है ऊपरी, मध्य और निचला लोब
- बायां फेफड़ा- 2 भागों में बंटा होता है ऊपरी और निचला लोब
·
बाएं
फेफड़े में हृदय के लिए एक विशेष जगह होती है, जिसे "कार्डियक
नॉच" (हृदय
खांचा) कहा जाता है। फेफड़ों के अंदर ब्रोन्कियल ट्री (वायु नलियों का पेड़) होता है, जो 23 से 28
पीढ़ियों तक
शाखाओं में बंटता है। इन शाखाओं के अंत में लगभग 30 करोड़
एल्वियोली (वायुकोष)
होते हैं,
जिनका कुल सतह
क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर (लगभग 1111 वर्ग फीट) से अधिक होता है
यानी एक टेनिस कोर्ट
के बराबर!
फेफड़ों
का सामान्य आकार और वजन
फेफड़े
मानव श्वसन तंत्र के प्रमुख अंग हैं, जो शरीर को ऑक्सीजन प्रदान करने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर
निकालने का कार्य करते हैं। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के फेफड़ों का आकार उम्र,
लिंग, ऊंचाई और शारीरिक संरचना के अनुसार
भिन्न हो सकता है। सामान्यतः दायां फेफड़ा बाएं फेफड़े से थोड़ा बड़ा होता है,
क्योंकि बाईं ओर हृदय के लिए स्थान होता
है। दाएं फेफड़े में तीन लोब (खंड) होते हैं, जबकि बाएं फेफड़े में दो लोब होते हैं।
फेफड़ों का संयुक्त वजन लगभग 900 से 1300 ग्राम के बीच होता है। इनमें दायां फेफड़ा लगभग 500 से 700 ग्राम तथा बायां फेफड़ा लगभग 400 से 600 ग्राम वजन का हो सकता है। सामान्य स्थिति में फेफड़ों की कुल क्षमता लगभग 5 से 6 लीटर वायु तक होती है। स्वस्थ फेफड़े स्पंजी, लचीले और गुलाबी रंग के होते हैं, जो प्रभावी गैस विनिमय के लिए आवश्यक हैं। फेफड़ों का आकार और वजन उनके कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एक वयस्क के फेफड़ों
का कुल वजन
एक स्वस्थ वयस्क के दोनों फेफड़ों का कुल वजन लगभग 800 से 1300 ग्राम (0.8 से 1.3 किलोग्राम) के बीच होता है। हालाँकि, यह वजन पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग होता है।
1-पुरुषों में फेफड़ों का औसत वजन 1000 से 1300 ग्राम होता है।
2-महिलाओं में फेफड़ों का औसत वजन 800 से 1000 ग्राम होता है।
दिलचस्प
बात यह है कि फेफड़ों का वजन शरीर के कुल वजन का लगभग 1/50 (पचासवां हिस्सा) होता है। यानी
अगर किसी व्यक्ति का वजन 50 किलोग्राम
है, तो उसके फेफड़ों का वजन लगभग 1 किलोग्राम होगा। यह अनुपात
पुरुषों और महिलाओं दोनों में लगभग समान रहता है।
दायाँ बनाम बायाँ फेफड़ा
बहुत से लोग यह मानते हैं कि दाएं और बाएं दोनों फेफड़े एक समान होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। दायां फेफड़ा बाएं फेफड़े से बड़ा और भारी होता है। इसके पीछे मुख्य कारण है हृदय। हृदय हमारी छाती के बाईं ओर स्थित होता है, जिसके कारण बाएं फेफड़े को हृदय के लिए जगह बनानी पड़ती है र विभिन्न अध्ययनों के अनुसार
|
फेफड़ा |
वजन (अनुमानित) |
विशेषताएँ |
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दायां फेफड़ा |
360–570 ग्राम |
3 लोब (खंड) वाला, छोटा और चौड़ा- |
|
बायां फेफड़ा |
325–480 ग्राम |
2 लोब वाला, लंबा और संकरा- |
एक अन्य अध्ययन के
अनुसार, दाएं फेफड़े का औसत वजन 545 ग्राम और बाएं फेफड़े का 474 ग्राम पाया गया है।10 से 15 प्रतिशत अधिक भारी होता है।
रोचक
तथ्य- दायां
फेफड़ा बाएं फेफड़े से लगभग 20 से
30 प्रतिशत अधिक भारी होता है, और यह अंतर भ्रूण अवस्था से ही
विकसित होना शुरू हो जाता है।
फेफड़ों
की लंबाई,
चौड़ाई और मोटाई
फेफड़ों
की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई
व्यक्ति की आयु, लिंग,
ऊंचाई और शारीरिक बनावट के अनुसार
अलग-अलग हो सकती है। सामान्यतः एक वयस्क व्यक्ति के फेफड़ों की लंबाई लगभग 25
से 30 सेंटीमीटर (10–12 इंच) होती है। दायां फेफड़ा बाएं फेफड़े
की तुलना में थोड़ा बड़ा और चौड़ा होता है। फेफड़ों की औसत चौड़ाई लगभग 10 से 15 सेंटीमीटर तथा मोटाई लगभग 7 से 10 सेंटीमीटर तक हो सकती है।
फेफड़े शंकु (Cone) के आकार के होते हैं, जिनका ऊपरी भाग संकरा और निचला भाग चौड़ा होता है। ये छाती की गुहा (Thoracic Cavity) में स्थित रहते हैं और सांस लेते समय फैलते तथा सिकुड़ते हैं। उनकी लचीली संरचना उन्हें अधिक मात्रा में वायु संग्रहित करने में सक्षम बनाती है। फेफड़ों के भीतर लाखों वायुकोष (Alveoli) होते हैं, जहां ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान होता है। यही विशेष संरचना फेफड़ों को शरीर की श्वसन प्रक्रिया के लिए अत्यंत प्रभावी बनाती है।
फेफड़ों का आकार केवल
वजन तक सीमित नहीं है इनकी
लंबाई, चौड़ाई और मोटाई भी महत्वपूर्ण
होती है। एक अध्ययन के अनुसार दाएं फेफड़े की
औसत लंबाई 26.57 सेमी, चौड़ाई 20.40 सेमी और मोटाई 3.80 सेमी होती है
और बाएं
फेफड़े की
औसत लंबाई 25.24 सेमी, चौड़ाई 19.63 सेमी और मोटाई 3.57 सेमी होती है।
सामान्य
तौर पर, एक स्वस्थ वयस्क फेफड़े की ऊँचाई 27 सेमी (पूरी क्षमता पर) और सामान्य सांस
लेने की स्थिति में लगभग 24
सेमी होती है।
फेफड़ों की क्षमता
फेफड़ों की क्षमता से तात्पर्य उस अधिकतम वायु की मात्रा से है जिसे फेफड़े अंदर ले सकते हैं और बाहर निकाल सकते हैं। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के फेफड़ों की कुल क्षमता सामान्यतः लगभग 5 से 6 लीटर वायु होती है। हालांकि सामान्य श्वास के दौरान व्यक्ति केवल लगभग 500 मिलीलीटर वायु ही अंदर लेता है। फेफड़ों की क्षमता उम्र, लिंग, ऊंचाई, शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है। नियमित व्यायाम, योग और गहरी सांस लेने के अभ्यास फेफड़ों की कार्यक्षमता और क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
फेफड़ों का आकार
सिर्फ वजन और लंबाई से नहीं बल्कि उनकी क्षमता (हवा धारण करने की मात्रा) से भी
मापा जाता है।
·
एक
स्वस्थ वयस्क पुरुष के दोनों फेफड़ों की अधिकतम हवा धारण क्षमता 5000 से 6500 मिलीलीटर (5 से 6.5 लीटर) होती है एवंमहिलाओं में यह
क्षमता पुरुषों की तुलना में कम होती है
शरीर
के बाकी अंगों की तरह फेफड़ों का आकार और क्षमता आनुवंशिकता, लिंग और ऊँचाई पर निर्भर करती है।
यही कारण है कि लंबे कद के लोगों के फेफड़े आमतौर पर छोटे कद के लोगों की तुलना
में बड़े होते हैं।
क्या
फेफड़ों का वजन जीवित अवस्था और मृत्यु के बाद अलग होता है?
यह जानकर आपको हैरानी
होगी कि फेफड़ों का वजन जीवित अवस्था में
और मृत्यु के बाद अलग-अलग होता
है। मृत्यु के बाद फेफड़ों का वजन लगभग 0.7
से
1.0 किलोग्राम होता
है, लेकिन जीवित अवस्था में यह वजन लगभग दोगुना हो सकता है।
ऐसा क्यों? क्योंकि जीवित अवस्था में
फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं (पल्मोनरी सर्कुलेशन) में लगभग 0.9 लीटर रक्त (जिसका वजन लगभग 0.95 किलोग्राम होता जिससे वजन कम हो जाता
है।
फेफड़ों
का रंग और बनावट
स्वस्थ फेफड़े हल्के गुलाबी रंग के, मुलायम, स्पंज जैसे और लचीले होते हैं।हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के
कण फेफड़ों में जमा होते जाते हैं, जिससे
इनका रंग गहरा लाल या धूसर हो जाता है। जो लोग धूम्रपान करते हैं या अत्यधिक प्रदूषित
वातावरण में रहते हैं, उनके
फेफड़े काले-भूरे रंग के हो जाते हैं।
फेफड़ों का घनत्व (density) भी दिलचस्प है स्वस्थ फेफड़ों में हवा भरी होती है, इसलिए उनका घनत्व 0.345 से 0.746 के बीच होता है। जबकि नवजात शिशु के फेफड़े (जिनमें अभी हवा नहीं भरी होती) का घनत्व 1.045 से 1.056 होता है, यानी वे पानी में डूब जाते हैं। यही कारण है कि फोरेंसिक (विधि) विज्ञान में इसका उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि बच्चा जन्म से पहले मरा या बाद में।बा
फेफड़ों के आकार और वजन को प्रभावित करने वाले कारक
फेफड़ों का आकार और
वजन कई कारकों पर निर्भर करता है
1. लिंग (Gender) — पुरुषों के फेफड़े महिलाओं की
तुलना में बड़े और भारी होते हैं
2. ऊँचाई (Height) — लंबे लोगों के फेफड़े आमतौर पर
बड़े होते है
3. शरीर का वजन (Body Weight) — शरीर के वजन का लगभग 1/50 हिस्सा फेफड़े होते हैं
4. उम्र (Age) — उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की
क्षमता कम होती है
5. जीवनशैली — धूम्रपान, प्रदूषण और व्यायाम का फेफड़ों
पर प्रभाव पड़ता है
6. बीमारियाँ — निमोनिया, कैंसर, COPD आदि फेफड़ों का वजन और आकार बदल
सकते हैं
एकअध्ययन के अनुसार, ऊँचाई, वजन, उम्र और शरीर की सतह क्षेत्रफल जैसे कारक फेफड़ों के कुल वजन में केवल 11-14 प्रतिशत भिन्नता के लिए जिम्मेदार होते हैं यों का पेड़) होता है, जो 23 से 28 पीढ़ियों तक शाखाओं में बंटता है। इन शाखाओं के अंत में लगभग 30 करोड़ एल्वियोली (वायुकोष) होते हैं, जिनका कुल सतह क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर (लगभग 1111 वर्ग फीट) से अधिक होता है-
फेफड़ों
के स्वास्थ्य के लिए टिप्स
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से पूरी तरह दूर रहें। नियमित व्यायाम, तेज़ चलना, योग और प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। प्रदूषित वातावरण में मास्क का उपयोग करें और घर में स्वच्छ वायु बनाए रखें। पर्याप्त पानी पीने से श्वसन मार्ग नम रहते हैं। संतुलित आहार में फल, हरी सब्जियाँ और एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें। ये आदतें फेफड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में सहायक होती हैं।
अब जब आप जान गए हैं
कि आपके फेफड़े कितने महत्वपूर्ण और जटिल हैं, तो उनकी देखभाल कैसे करें? यहाँ
कुछ सुझाव हैं
·
धूम्रपान
से बचें — यह
फेफड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाता है
·
नियमित
व्यायाम करें
— इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है
·
प्रदूषण
से बचाव करें
— मास्क पहनें और स्वच्छ हवा में
सांस लें
· गहरी सांस लेने के व्यायाम करें — योग और प्राणायाम फायदेमंद हैं
प्रश्न 1- एक सामान्य व्यक्ति के फेफड़ों
का वजन कितना होता है?
उत्तर- एक स्वस्थ वयस्क के दोनों
फेफड़ों का कुल वजन पुरुषों में 1000-1300 ग्राम
और महिलाओं में 800-1000 ग्राम
होता है,।1/50वां हिस्सा होता है।
प्रश्न 2- दायां फेफड़ा बाएं फेफड़े से
बड़ा क्यों होता है?
उत्तर- दायां फेफड़ा बाएं से बड़ा होता
है क्योंकि हृदय छाती के बाईं ओर स्थित होता है, जिसके कारण बाएं फेफड़े को हृदय के लिए जगह बनानी पड़ती है।
दायां फेफड़ा बाएं से लगभग 10-15 प्रतिशत
भारी होता है।
प्रश्न 3- क्या फेफड़ों का वजन जीवित
अवस्था और मृत्यु के बाद अलग होता है?
उत्तर- हाँ, जीवित अवस्था में फेफड़ों का वजन
मृत्यु के बाद की तुलना में लगभग दोगुना होता है, क्योंकि जीवित अवस्था में फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में लगभग 0.9 लीटर रक्त मौजूद होता है।
प्रश्न 4- फेफड़ों की अधिकतम हवा धारण
क्षमता कितनी होती है?
उत्तर- एक स्वस्थ वयस्क पुरुष के
फेफड़ों की अधिकतम क्षमता 5000-6500 मिलीलीटर
(5-6.5 लीटर) होती है। महिलाओं में यह
क्षमता पुरुषों की तुलना में कम होती है।
प्रश्न 5- स्वस्थ फेफड़ों का रंग कैसा होता
है?
उत्तर- स्वस्थ फेफड़े हल्के गुलाबी रंग
के, मुलायम, स्पंज जैसे और लचीले होते हैं, धूम्रपान और प्रदूषण के कारण ये
गहरे लाल,
धूसर या काले-भूरे
रंग के हो सकते हैं।
प्रश्न 6- क्या व्यायाम से फेफड़ों का आकार
बढ़ सकता है?
उत्तर- व्यायाम से फेफड़ों का भौतिक
आकार नहीं बढ़ता, लेकिन
इससे फेफड़ों की क्षमता (लंग कैपेसिटी) बढ़ सकती है और
सांस लेने की क्षमता में सुधार हो सकता है।