7156863209947891,DIRECT,fec0942fa0 क्या आप जानते हैं? हमारे लार में दर्द निवारक छुपा होता है।

क्या आप जानते हैं? हमारे लार में दर्द निवारक छुपा होता है।

 

क्या आप जानते हैं? हमारे लार में दर्द निवारक छुपा होता है


क्या- आप -जानते- हैं? -हमारे -लार -में  -दर्द -निवारक-छुपा -होता -है



परिचय

आपने अक्सर देखा होगा कि कोई छोटी-मोटी चोट लगने पर हम अपनी उंगली मुंह में डालकर चूस लेते हैं। यह आदत हमें बचपन से ही अपने बड़ों से विरासत में मिली है। क्या यह सिर्फ एक लोक आदत है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क छुपा है? अब हाल के वैज्ञानिक शोधों ने इस सवाल का एक अद्भुत जवाब दिया है हां, यह सिर्फ एक आदत नहीं बल्कि आपके शरीर का एक चतुर खेल है. आपकी लार (Saliva) अपने आप में एक सुपरहीरो है, जो सिर्फ खाना पचाने या मुंह को नम रखने का काम ही नहीं करती, बल्कि यह दर्द निवारक का एक शक्तिशाली कारखाना भी है।

हम अक्सर लार को एक साधारण तरल पदार्थ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वैज्ञानिक आंकड़े बताते हैं कि प्रतिदिन एक सामान्य मानव 0.5 से 1.5 लीटर तक लार स्रावित करता है. यह लार केवल 99% पानी ही नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स, म्यूकस, एंजाइम्स और ओपियोर्फिन (Opiorphin) जैसा शक्तिशाली दर्द निवारक तत्व मौजूद होता है।. आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम इसी ओपियोर्फिन के अनोखे सफर को समझेंगे, जानेंगे कि यह कैसे काम करता है, और क्यों यह भविष्य में दर्द के इलाज के क्षेत्र में एक क्रांति ला सकता है।

'ओपियोर्फिन' की खोज


क्या -आप -जानते- हैं?- हमारे -लार -में  -दर्द- निवारक -छुपा- होता -है


यह कहानी शुरू होती है वर्ष 2006 में, जब फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान पाश्चर इंस्टीट्यूट (Pasteur Institute) की वैज्ञानिक कैथरीन रूजोट (Catherine Rougeot) और उनकी टीम ने एक ऐसी खोज कर डाली, जिसने दुनिया भर के फार्माकोलॉजी जगत में हलचल मचा दी। कई वर्षों के अनवरत शोध के बाद, उन्होंने मानव लार से एक ऐसा पदार्थ अलग (Isolate) किया जो दर्द को बुझाने में अद्वितीय था. उनकी यह खोज पत्रिका "प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज" (PNAS) में प्रकाशित हुई, जहां इस नए पदार्थ को आधिकारिक नाम "ओपियोर्फिन (Opiorphin)" दिया गया।

चूहों पर किए गए अपने परीक्षणों में उन्होंने पाया कि यह ओपियोर्फिन दर्द को कम करने (Analgesic Effect) में बेहद प्रभावी है। उनका प्रारंभिक शोध यही बताता था कि लार में मौजूद यह पांच अमीनो एसिड का बना एक छोटा सा पेप्टाइड (Peptide) अपने आप में एक प्राकृतिक 'पेन किलर' की तरह काम करता है। यह खोज पहली बार थी जब वैज्ञानिकों ने साबित किया कि हमारा शरीर बाहरी दवाओं के सहारे के बिना ही एक ऐसा मजबूत दर्द निवारक स्वयं बना सकता है जो पारंपरिक ओपिओइड दवाओं को टक्कर देने की क्षमता रखता है।

ओपियोर्फिन कैसे काम करता है?


क्या -आप -जानते- हैं? -हमारे- लार -में  -दर्द- निवारक- छुपा -होता- है।


अब यह सवाल उठता है कि आखिर ओपियोर्फिन इतना असरदार कैसे है? इसके पीछे का जैविक तंत्र (Mechanism of Action) बेहद रोचक और अनोखा है। हमारे शरीर में पहले से ही कुछ प्राकृतिक दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं, जिन्हें एनकेफालिन्स (Enkephalins) कहते हैं। ये हमारे मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में प्राकृतिक ओपिओइड के रूप में कार्य करते हैं लेकिन इन एनकेफालिन्स की समस्या यह है कि ये बहुत ही कम समय के लिए टिकते हैं और शरीर में मौजूद विशेष एंजाइम्स उन्हें तुरंत नष्ट कर देते हैं।

यहीं पर ओपियोर्फिन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उन विशेष एंजाइम्स (जिन्हें 'जिंक एक्टोपेप्टिडेसेस' कहा जाता है) के काम करने की गति को धीमा कर देता है, जो एनकेफालिन्स को तोड़ने का काम करते हैं ओपियोर्फिन एंजाइम्स - hNEP (ह्यूमन न्यूट्रल एक्टो-एंडोपेप्टिडेस) और hAP-N (ह्यूमन एक्टो-एमिनोपेप्टिडेस) को ब्लॉक करता है। अगर . इसे आसान शब्दों में समझें तो, ओपियोर्फिन हमारे शरीर के पहले से मौजूद प्राकृतिक दर्द निवारक (एनकेफालिन्स) के 'शील्ड' (रक्षा कवच) का काम करता है, जो उन्हें जल्दी नष्ट होने से बचाता है. इस तरह, दर्द वाले क्षेत्र में प्राकृतिक दर्द निवारक लंबे समय तक सक्रिय रहता है और हमें दर्द से राहत मिलती है।

मॉर्फिन से कितना ज्यादा शक्तिशाली है ओपियोर्फिन


क्या -आप -जानते- हैं?- हमारे -लार- में - दर्द -निवारक- छुपा- होता- है।


ओपियोर्फिन की तुलना पारंपरिक दर्द निवारक दवा मॉर्फिन (Morphine) से करना तो बनता है, क्योंकि परंपरागत रूप से इसे ही सबसे ताकतवर दर्दनाशक माना जाता है। रिसर्च में यह बात साबित हुई है कि ओपियोर्फिन की तुलना मॉर्फिन से करें तो यह दवा औसतन 5 से 6 गुना अधिक प्रभावशाली है-. यानी दर्द को उतनी ही मात्रा में कम करने के लिए, मॉर्फिन की तुलना में ओपियोर्फिन की 5-6 गुना कम खुराक (Dose) पर्याप्त है। एक प्रयोगशाला परीक्षण में, चूहों को सुइयों पर खड़ा करके दर्द दिया गया। इस परीक्षण में पाया गया कि मॉर्फिन के 6 मिलीग्राम/किलोग्राम इंजेक्शन का जितना प्रभाव था, उतना ही प्रभाव ओपियोर्फिन के सिर्फ 1 मिलीग्राम/किलोग्राम इंजेक्शन से देखने को मिला।

यह अंतर साफ शब्दों में बताता है कि ओपियोर्फिन एक बेहद पोटेंट (Potent) कंपाउंड है। आश्चर्य की बात तो यह है कि मॉर्फिन की तुलना में इस प्राकृतिक पदार्थ के कोई साइड इफेक्ट्स (जैसे नशा या लत) नहीं होते हैं. ओपियोर्फिन सीधे मस्तिष्क के ओपिओइड रिसेप्टर्स पर काम नहीं करता, बल्कि शरीर के अपने एनकेफालिन्स को बढ़ावा देता है, जिससे लत लगने की संभावना लगभग न के बराबर होती है।

ओपियोर्फिन के बहुआयामी प्रभाव


क्या- आप -जानते- हैं? -हमारे- लार- में - दर्द -निवारक- छुपा -होता- है।



ओपियोर्फिन केवल एक एनाल्जेसिक (Analgesic) नहीं है, बल्कि इसके असर कहीं ज्यादा व्यापक हैं। हाल के वर्षों में हुए शोधों से पता चला है कि इस अणु में एंटी-डिप्रेसेंट (अवसाद रोधी) गुण भी मौजूद होते हैं एक रिव्यू पेपर, जो 2024 में प्रकाशित हुआ, यह बताता है कि ओपियोर्फिन शरीर के एनकेफालिन के स्तर को प्रभावित करके एंटी-डिप्रेसेंट जैसा व्यवहार प्रदर्शित कर सकता है। यह एनकेफालिन्स की वजह से डेल्टा-ओपिओइड रिसेप्टर-निर्भर रास्तों (Delta-opioid receptor-dependent pathways) के मॉड्युलेशन के जरिए काम करता है। इसका मतलब यह हुआ कि जिस प्रकार यह दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता को बढ़ाता है, वैसे ही यह मूड को बेहतर बनाने और अवसाद को दूर करने में भी सहायक हो सकता है।

वहीं, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर इसके असर को लेकर भी रिसर्च जारी है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ओपियोर्फिन का असर रेनिन-एंजियोटेनसिन सिस्टम (RAS) पर भी पड़ता है, जो ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत को नियंत्रित करता है। एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि इसके स्थिर एनालॉग्स (Stable Analogs) को पोस्टऑपरेटिव दर्द प्रबंधन में प्रभावी पाया गया है, जो सर्जरी के बाद होने वाले दर्द के इलाज में एक नई उम्मीद की किरण है यह साबित होता है कि लार का दर्द निवारक सिर्फ एक नहीं बल्कि अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान बनकर उभर सकता है।

क्या सच में 'घाव चाटने' से फायदा होता है?




अब हम उस सबसे आम आदत पर आते हैं चोट लगने पर उंगली या घाव को चाटना। विज्ञान अब इस पुरानी आदत को नए नजरिए से देख रहा है. जी हां, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, ऐसा करने के पीछे लाजवाब वैज्ञानिक तर्क हैं। जब आपको कोई छोटा सा कट लगता है और आप उसे चाटते हैं, तो आपकी लार घाव को साफ करने के साथ-साथ उस पर 'ओपियोर्फिन' नामक प्राकृतिक दर्दनाशक का लेप कर रहे होते हैं। यह दर्दनाशक वहां पहुंचकर स्थानीय स्तर (Locally) पर एंजाइम्स को रोकता है और एनकेफालिन्स की सक्रियता बढ़ाता है. नतीजन, दर्द कम होता है और सूजन पर भी नियंत्रण रहता है.

हालांकि, साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि हर घाव को चाटना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है। आपके मुंह में अरबों बैक्टीरिया होते हैं। एक अनुमान के अनुसार, प्रति मिलीलीटर लार में लगभग 500 मिलियन बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो मानव कोशिकाओं से 60 गुना अधिक हैं ऐसे में, अगर घाव गहरा है तो उसे चाटने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन छोटे-मोटे कट या मुंह के अंदर की चोटों के लिए, लार अपने इसी दर्द निवारक गुण के कारण एक प्राकृतिक उपचारक की भूमिका निभाती है।

लार का दर्द निवारक और फ्यूचर मेडिसिन

ओपियोर्फिन केवल एक आकस्मिक खोज नहीं रह गई है, बल्कि अब यह आधुनिक चिकित्सा के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में उभरकर सामने आ रही है। इसके कई नैदानिक और चिकित्सीय (Therapeutic) उपयोग हो सकते हैं-

1.     एक नॉन-एडिक्टिव एनाल्जेसिक (Non-addictive Analgesic)- मॉर्फिन और अन्य ओपिओइड्स का सबसे बड़ा नुकसान उनकी लत (Addiction) और ड्रग टॉलरेंस (Drug Tolerance एक ही डोज का असर कम होना) है।चूंकि ओपियोर्फिन सीधे ओपिओइड रिसेप्टर्स पर काम नहीं करता, इसलिए यह इन समस्याओं से मुक्त है

2.     बायोमार्कर (Biomarker)- विभिन्न शोधों में पाया गया है कि ओपियोर्फिन का स्तर दर्द की स्थिति के अनुसार बदलता है। इसका उपयोग बर्निंग माउथ सिंड्रोम (BMS) डेंचर से होने वाले अल्सर (Denture-related ulcers) टेम्पोरोमैंडिबुलर डिसऑर्डर (TMD), और एक्यूट पेरीकोरोनाइटिस (Acute Pericoronitis) जैसे दर्दनाक रोगों के निदान (Diagnosis) में एक बायोमार्कर के रूप में किया जा सकता है

3.     ड्रग डिलीवरी सिस्टम (Drug Delivery System)- ओपियोर्फिन एक पेप्टाइड है, जिसे सीधे दवा के रूप में देने में चुनौतियां हैं (क्योंकि शरीर में यह जल्दी टूट जाता है)। लेकिन अब वैज्ञानिक लिपोसोमल फॉर्मूलेशन (Liposomal Formulations) और नैनो-माइक्रोकैप्सूल्स (Nano-microcapsules) जैसी आधुनिक तकनीकों का विकास कर रहे हैं, ताकि ओपियोर्फिन को एक स्थिर और असरदार दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सके. हाल ही मेंबायोडिग्रेडेबल पॉलिमर नैनोपार्टिकल्स (Biodegradable Polymer Nanoparticles) का भी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि ओपियोर्फिन को अधिक प्रभावी और लंबे समय तक टिकने वाला बनाया जा सके।

निष्कर्ष

मानव शरीर एक जटिल और अद्भुत मशीन है, जिसमें अनगिनत रहस्य छिपे हैं। हमारे मुंह में मौजूद यह सामान्य सा दिखने वाला तरल पदार्थ, वास्तविकता में एक शक्तिशाली फार्मेसी से कम नहीं है। ओपियोर्फिन की खोज ने हमें यह सिखाया है कि कभी-कभी हमारी जरूरतों का समाधान हमारे शरीर के अंदर ही छुपा होता है। जहां एक ओर हम दर्द से बचने के लिए तमाम दवाइयां खाते हैं, वहीं हमारी लार हमें यह समझने का मौका देती है कि कुदरत ने हमें एक सुरक्षा कवच से भरपूर बनाया है।

ओपियोर्फिन (Opiorphin) आने वाले समय में दर्द प्रबंधन, डिप्रेशन थेरेपी, और यहां तक कि न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के इलाज में एक नई क्रांति की शुरुआत कर सकता है। यह एक प्राकृतिक, गैर-नशीला और प्रभावशाली विकल्प है, जो सिंथेटिक दर्द निवारकों (जैसे मॉर्फिन) के साइड इफेक्ट्स से मुक्त है। तो अगली बार जब आप अपनी जुबान को अपनी उंगली पर चोट लगने पर राहत पाते हुए देखें, तो समझ जाइए कि यह सिर्फ एक आदत नहीं है, बल्कि आपके शरीर के भीतर मौजूद एक चतुर वैज्ञानिक तंत्र है, जो आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत दे रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1- क्या हर किसी की लार में यह दर्द निवारक मौजूद होता है?

हां, यह एक प्राकृतिक पेप्टाइड है जो हर मनुष्य की लार में पाया जाता है. हालांकि, अलग-अलग दर्द की स्थिति में इसकी मात्रा (Concentration) बढ़ या घट सकती है. कुछ शोधों के अनुसार, बर्निंग माउथ सिंड्रोम (BMS) जैसी दर्दनाक स्थितियों में ओपियोर्फिन का स्तर स्वस्थ लोगों की तुलना में काफी अधिक पाया गया है।

2- क्या लार में मौजूद ओपियोर्फिन का कोई साइड इफेक्ट है?
अब तक के अध्ययनों से यही पता चलता है कि ओपियोर्फिन एक प्राकृतिक पदार्थ होने के कारण मॉर्फिन जैसी पारंपरिक दर्दनाशक दवाओं के समान कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखाता. यह नॉन-एडिक्टिव (गैर-नशीला) है और इसमें ड्रग टॉलरेंस (लगातार उपयोग से प्रभाव कम होना) विकसित होने के प्रमाण नहीं मिले हैं-. बावजूद इसके, अभी इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर शोध जारी है।

3- क्या ओपियोर्फिन को दवा के रूप में बाजार में लाया जा चुका है?
अभी नहीं. ओपियोर्फिन एक प्राकृतिक पेप्टाइड है, जो शरीर में जल्दी टूट जाता है. फिलहाल, इसे एक स्थिर और प्रभावी दवा बनाने के लिए शोधकर्ता लिपोसोमल इंजेक्शन और नैनो-एनकैप्सुलेशन तकनीकों पर काम कर रहे हैं-. अभी यह प्रयोगशालाओं और प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स तक सीमित है।

4- क्या लार में मौजूद ओपियोर्फिन का स्तर बदला जा सकता है?
जी हां, कई शोधों से यह साबित हुआ है कि दर्दनाक उत्तेजनाओं (Painful Stimuli) के संपर्क में आने पर शरीर ओपियोर्फिन का स्राव बढ़ा देता है। उदाहरण के लिए, डेंचर से होने वाले अल्सर या पल्पल इंफ्लेमेशन (दांत दर्द) के मामलों में लार में ओपियोर्फिन का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है यह हमारे शरीर की एक प्राकृतिक रक्षा प्रणाली का हिस्सा है।

5- क्या मैं अपने मुंह में लार की मात्रा बढ़ाकर दर्द से बच सकता हूं?
नहीं, ऐसा सोचना गलत है. ओपियोर्फिन शरीर द्वारा आवश्यकतानुसार स्रावित होता है। अत्यधिक लार उत्पादन (बिना किसी कारण के) किसी अन्य चिकित्सीय स्थिति का संकेत हो सकता है. दर्द से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना।

 


Hidden Knowledge

Hello, I am A.K Gudiyal, I am a resident of Pauri Garhwal, Uttarakhand. I am a blog writer and my aim as a writer is to give messages to readers that inspire them and bring positive changes in their lives. In my articles I not only write on travel and lifestyle but also share experiences about technology, nature and special people. I share sports inspiration and stories in my articles, so that readers are inspired to adopt them in their lives. As a nature lover, I try to put into words the beauty of mountains, rivers and lush greenery. I believe that connecting with nature gives us mental peace and balance. Because I am an Indian, I would like that through my articles you should get the experience and knowledge of the historical journey from ancient unbroken India to present day India. My writing is an effort to inspire everyone, so that together we can create a positive and inspiring world. Name-A.K.Gudiyal Email Address -kumaranoop3200@gmail.com Contact Number--9557938679

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने