7156863209947891,DIRECT,fec0942fa0 किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है?

किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है?

 


किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है?


किडनी- हर- दिन- कितना- खून- साफ -करती -है?

परिचय

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शरीर के अंदर एक ऐसी मशीन काम कर रही है जो RO सिस्टम से भी 15-18 गुना ज़्यादा तरल पदार्थ फिल्टर करती हैवो मशीन है आपकी किडनी  एक ऐसा अंग जो 24 घंटे, बिना किसी शिकायत और बिना ब्रेक के आपके खून को साफ करता रहता है। हम दिनभर में जितना भी पानी, चाय, कॉफी, जूस या सोडा पीते हैं, उसका बोझ किसी RO सिस्टम पर नहीं, बल्कि हमारी किडनी पर पड़ता है। और यह काम इतनी कुशलता से होता है कि हमें इसका एहसास भी नहीं होता।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है? यह सवाल शायद आपके मन में कभी न आया हो, लेकिन इसका जवाब आपको चौंका देगा। आइए, आज के इस ब्लॉग में विस्तार से समझते हैं कि आपकी किडनियाँ किस तरह आपके शरीर की लाइफलाइन हैं और वे रोजाना कितना शानदार काम करती हैं।

किडनी प्रतिदिन कितना खून साफ करती है?


किडनी -हर- दिन- कितना- खून -साफ -करती- है?

मानव शरीर में दो किडनियाँ होती हैं, जो रक्त को लगातार फ़िल्टर करके शरीर को स्वस्थ बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। सामान्यतः किडनियाँ हर मिनट लगभग 1 लीटर रक्त प्राप्त करती हैं, जो हृदय द्वारा पंप किए गए कुल रक्त का लगभग 20–25% होता है। इस प्रकार, दोनों किडनियाँ मिलकर एक दिन में लगभग 1,500 से 1,800 लीटर रक्त को फ़िल्टर करती हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि इतना रक्त शरीर से बाहर निकल जाता है। फ़िल्टरिंग के दौरान किडनियाँ लगभग 180 लीटर प्राथमिक निस्यंद (फिल्ट्रेट) बनाती हैं, जिसमें से अधिकांश पानी, ग्लूकोज़ और आवश्यक खनिजों को शरीर दोबारा अवशोषित कर लेता है। अंततः केवल 1.5 से 2 लीटर मूत्र बनता है, जिसके माध्यम से यूरिया, क्रिएटिनिन, अतिरिक्त लवण और अन्य अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर निकलते हैं। यह निरंतर प्रक्रिया शरीर में पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और रक्तचाप का संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ विषैले पदार्थों को हटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सबसे पहले सीधे सवाल का जवाब  एक स्वस्थ व्यक्ति की किडनियाँ हर दिन लगभग 150 से 200 लीटर खून फिल्टर करती हैं। यह आंकड़ा अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है जैसे कि-

स्रोत

दैनिक फिल्ट्रेशन मात्रा

क्लीवलैंड क्लिनिक

200 क्वार्ट्स (लगभग 189 लीटर)

मेयो क्लिनिक

150 क्वार्ट्स (लगभग 142 लीटर)

NIDDK (NIH)

150 क्वार्ट्स

NHS (UK)

190 लीटर (335 पिंट्स)

ERA (यूरोपियन रेनल एसोसिएशन)

1,800 लीटर (प्राथमिक मूत्र)

किडनी केयर UK

200 लीटर (351 पिंट्स)

ऑस्ट्रेलियन किडनी

200 लीटर

ध्यान दें कि यूरोपियन रेनल एसोसिएशन (ERA) का 1,800 लीटर का आंकड़ा "प्राथमिक मूत्र" को संदर्भित करता है, जो कि ग्लोमेरुलस द्वारा फिल्टर किया गया कच्चा तरल पदार्थ है। इसमें से 99% से अधिक पानी और पोषक तत्व वापस अवशोषित कर लिए जाते हैं। अंततः केवल 12 लीटर ही पेशाब के रूप में बाहर निकलता है।

अगर हम इसे मिनटों में समझें तो  एक स्वस्थ किडनी हर मिनट लगभग आधा कप (120-125 मिलीलीटर) खून फिल्टर करती है। यानी हर मिनट आपके दिल द्वारा पंप किए गए कुल खून का लगभग एक-पांचवां हिस्सा किडनी में प्रवेश करता है।

एक और हैरान करने वाला तथ्य-

·        आपके शरीर का सारा खून हर 5 मिनट में किडनी से गुजरता है

·        एक दिन में ऐसा लगभग 300 बार होता है

·        यानी आपका खून दिन में करीब 400 बार किडनी द्वारा साफ किया जाता है

किडनी खून को कैसे साफ करती है? (सपूर्ण प्रक्रिया) 


किडनी- हर -दिन- कितना -खून- साफ -करती- है?


किडनी खून को साफ करने का कार्य अपनी सूक्ष्म कार्यात्मक इकाइयों, जिन्हें नेफ्रॉन (Nephron) कहा जाता है, के माध्यम से करती है। प्रत्येक किडनी में लगभग 10 लाख नेफ्रॉन होते हैं। जब रक्त किडनी में प्रवेश करता है, तो सबसे पहले वह ग्लोमेरुलस नामक महीन रक्त-केशिकाओं के जाल से गुजरता है। यहाँ उच्च दबाव के कारण पानी, लवण, ग्लूकोज़, यूरिया और अन्य छोटे अणु छनकर बोमैन कैप्सूल में पहुँच जाते हैं, जबकि रक्त कोशिकाएँ और बड़े प्रोटीन रक्त में ही बने रहते हैं। इसके बाद यह फिल्ट्रेट नेफ्रॉन की नलिकाओं से गुजरता है, जहाँ शरीर के लिए आवश्यक पानी, ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल और इलेक्ट्रोलाइट्स दोबारा रक्त में अवशोषित कर लिए जाते हैं। दूसरी ओर, अतिरिक्त आयन, दवाओं के अवशेष और विषैले अपशिष्ट पदार्थ नलिकाओं में स्रावित कर दिए जाते हैं। अंत में बचा हुआ द्रव मूत्र का रूप लेकर यूरेटर के माध्यम से मूत्राशय तक पहुँचता है। इस पूरी प्रक्रिया से किडनी न केवल रक्त को साफ करती है, बल्कि शरीर में पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स, अम्ल-क्षार (pH) संतुलन और रक्तचाप को भी नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अब जब हमें पता चल गया है कि किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है, तो यह जानना भी ज़रूरी है कि यह प्रक्रिया कैसे होती है। किडनी का काम सिर्फ खून छानना नहीं है; यह एक जटिल और बेहद सटीक प्रक्रिया है।

1. खून का किडनी तक पहुँचना

खून आपके दिल से रेनल आर्टरी (गुर्दे की धमनी) के ज़रिए किडनी में प्रवेश करता है। यह बड़ी रक्त वाहिका छोटी-छोटी वाहिकाओं में बंटती जाती है, जब तक कि खून किडनी के अंदर मौजूद लाखों नेफ्रॉन  तक न पहुँच जाए।

2.  किडनी की फ़िल्ट्रेशन इकाई (नेफ्रॉन)

हर किडनी में लगभग 10 लाख (एक मिलियन) नेफ्रॉन होते हैं। ये नेफ्रॉन ही असली फिल्टर हैं। हर नेफ्रॉन दो मुख्य हिस्सों से बना होता है-

·        ग्लोमेरुलस (Glomerulus) — छोटी रक्त वाहिकाओं का एक गुच्छा जो फिल्टर का काम करता है-

·        ट्यूब्यूल (Tubule)  एक नली जो फिल्टर किए गए तरल पदार्थ को आगे ले जाती है-

3. दो-चरणीय फ़िल्ट्रेशन प्रक्रिया

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के अनुसार, नेफ्रॉन दो-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से काम करते हैं:

चरण 1- ग्लोमेरुलस द्वारा फ़िल्ट्रेशन

·        जब खून नेफ्रॉन में प्रवेश करता है, तो वह ग्लोमेरुलस नामक केशिकाओं के गुच्छे में जाता है

·        ग्लोमेरुलस की पतली दीवारें छोटे अणुओं (पानी, खनिज, पोषक तत्व, अपशिष्ट) को गुज़रने देती हैं

·        बड़े अणु (जैसे प्रोटीन और रक्त कोशिकाएँ) इतने बड़े होते हैं कि वे ग्लोमेरुलस से नहीं गुज़र पाते और खून में ही वापस लौट जाते हैं

चरण 2- ट्यूब्यूल द्वारा पुनःअवशोषण

·        फिल्टर किया गया तरल पदार्थ (जिसे "प्राथमिक मूत्र" कहते हैं) ट्यूब्यूल में प्रवेश करता है

·        ट्यूब्यूल के साथ-साथ एक रक्त वाहिका चलती है जो लगभग सारा पानी, खनिज और पोषक तत्व वापस खून में अवशोषित कर लेती है

·        केवल अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी ही बचता है  यही पेशाब (यूरिन) है

4. खून का वापस लौटना

साफ किया गया खून रेनल वेन (गुर्दे की नस) के ज़रिए शरीर के मुख्य रक्तप्रवाह में वापस लौट आता है। वहीं, अपशिष्ट पदार्थों वाला पेशाब यूरेटर (मूत्रवाहिनी) के ज़रिए ब्लैडर (मूत्राशय) में जाता है, जहाँ से यह यूरेथ्रा के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाता है।

किडनी की कार्यक्षमता का पैमाना(ग्लोमेरुलर फ़िल्ट्रेशन रेट)


ग्लोमेरुलर फ़िल्ट्रेशन रेट (Glomerular Filtration Rate – GFR) किडनी की कार्यक्षमता को मापने का सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पैमाना है। यह बताता है कि किडनी के ग्लोमेरुलस एक मिनट में कितना रक्त फ़िल्टर कर रहे हैं। स्वस्थ वयस्कों में सामान्य GFR लगभग 90 से 120 मिलीलीटर प्रति मिनट प्रति 1.73 वर्ग मीटर शरीर की सतह (mL/min/1.73 m²) होता है। यदि GFR लगातार 90 से कम हो और इसके साथ किडनी की क्षति के अन्य संकेत मौजूद हों, या 60 mL/min/1.73 m² से कम तीन महीने या उससे अधिक समय तक बना रहे, तो यह क्रॉनिक किडनी डिजीज का संकेत हो सकता है।

GFR को सीधे मापना कठिन होता है, इसलिए डॉक्टर सामान्यतः सीरम क्रिएटिनिन, आयु, लिंग और कभी-कभी अन्य कारकों के आधार पर अनुमानित GFR (eGFR) की गणना करते हैं। जितना अधिक GFR होगा, किडनी की फ़िल्टर करने की क्षमता उतनी ही बेहतर मानी जाती है। GFR में कमी आने पर शरीर में यूरिया, क्रिएटिनिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे थकान, सूजन, उच्च रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप या किडनी रोग के जोखिम वाले लोगों के लिए समय-समय पर eGFR और मूत्र की जाँच कराना किडनी के स्वास्थ्य की निगरानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं। इसके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मापदंड है  GFR (Glomerular Filtration Rate)

GFR वह दर है जिस पर आपकी किडनी के ग्लोमेरुली खून को फिल्टर करते हैं। इसे आमतौर पर  (estimated GFR) के रूप में मापा जाता है, जो खून में क्रिएटिनिन के स्तर, उम्र और लिंग के आधार पर निकाला जाता है।

सामान्य GFR रेंज-

GFR (mL/min/1.73 m²)

किडनी की स्थिति

90 या अधिक

सामान्य किडनी कार्यक्षमता

60-89

हल्की कमी (बुजुर्गों में आम)

30-59

मध्यम किडनी क्षति

15 या कम

किडनी फेलियर (डायलिसिस की आवश्यकता)

एक स्वस्थ युवा वयस्क में GFR 90 से 130 मिलीलीटर प्रति मिनट के बीच होता है। उम्र बढ़ने के साथ GFR स्वाभाविक रूप से कम होता जाता है।

किडनी सिर्फ खून साफ करने के अलावा और क्या करती है?


किडनी- हर -दिन -कितना -खून -साफ- करती- है?

किडनी का कार्य केवल खून को साफ करना ही नहीं है, बल्कि यह शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को भी नियंत्रित करती है। किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम) का संतुलन बनाए रखती है, जिससे कोशिकाएँ सही ढंग से कार्य कर सकें। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए रेनिन (Renin) नामक हार्मोन का स्राव करती है। किडनी एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) हार्मोन बनाती है, जो अस्थि मज्जा को लाल रक्त कोशिकाएँ बनाने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा, यह विटामिन D को सक्रिय रूप में बदलती है, जिससे कैल्शियम का अवशोषण बढ़ता है और हड्डियाँ मजबूत रहती हैं। किडनी शरीर का अम्ल-क्षार (pH) संतुलन बनाए रखने, अतिरिक्त दवाओं और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने तथा शरीर के आंतरिक वातावरण को स्थिर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि स्वस्थ किडनी पूरे शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि किडनी का काम सिर्फ खून साफ करना है, लेकिन यह शरीर का एक बहु-कार्यात्मक अंग है। इसके अन्य महत्वपूर्ण कार्य हैं

1. रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित करना

किडनी रेनिन नामक प्रोटीन बनाती है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह शरीर के पानी और नमक के संतुलन को भी बनाए रखती है।

2. लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण

किडनी एरिथ्रोपोएटिन  नामक हार्मोन बनाती है, जो अस्थि मज्जा में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है। किडनी की बीमारी में यह हार्मोन कम बनता है, जिससे एनीमिया (खून की कमी) हो सकती है।

3. हड्डियों को मजबूत बनाए रखना

किडनी विटामिन डी को सक्रिय रूप में परिवर्तित करती है (कैल्सिट्रियोल), जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए आवश्यक है। किडनी की बीमारी में कैल्शियम और फॉस्फेट का असंतुलन हो सकता है, जिससे हड्डियाँ कमजोर हो सकती हैं।

4. शरीर के एसिड-बेस (pH) संतुलन को बनाए रखना

किडनी खून से अतिरिक्त एसिड को निकालकर शरीर के pH संतुलन को बनाए रखती है।

5. इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन

किडनी सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को संतुलित रखती है।

किडनी कमजोर होने के संकेत


किडनी- हर -दिन -कितना- खून -साफ -करती -है?


किडनी कमजोर होने पर शरीर कई शुरुआती संकेत देने लगता है, जिन्हें समय रहते पहचानना आवश्यक है। सबसे सामान्य लक्षणों में बार-बार या कम मात्रा में पेशाब आना, पेशाब में झाग, खून या रंग में बदलाव दिखाई देना शामिल है। शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने के कारण पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन आ सकती है। लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगना, मतली और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी किडनी की खराब कार्यक्षमता का संकेत हो सकते हैं। कुछ लोगों में उच्च रक्तचाप, त्वचा में खुजली, मांसपेशियों में ऐंठन और सांस फूलने जैसी समस्याएँ भी विकसित हो सकती हैं। हालांकि, शुरुआती चरण में किडनी रोग अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के भी हो सकता है। इसलिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप या पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को नियमित रूप से रक्त और मूत्र की जाँच (क्रिएटिनिन, eGFR तथा यूरिन एल्ब्यूमिन) करानी चाहिए, ताकि बीमारी का समय रहते पता चल सके और उचित उपचार शुरू किया जा सके।

 

जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर कुछ संकेत देता है। अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

·        पैरों या टखनों में सूजन  (शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने के कारण)

·        सांस लेने में तकलीफ 

·        हाई ब्लड प्रेशर 

·        थकान और कमज़ोरी — (एनीमिया के कारण)

·        खुजली या रूखी त्वचा — (रसायनों के असंतुलन के कारण)

·        उल्टी या मिचली 

·        पेशाब में बदलाव — कम या ज़्यादा पेशाब आना, पेशाब में झाग आना

किडनी हर दिन इतना बड़ा काम करती है, तो हमें भी उनका ख्याल रखना चाहिए। यहाँ कुछ आसान टिप्स दिए गए हैं-

1. पर्याप्त पानी पिएँ

दिनभर में 6-8 गिलास पानी पीना किडनी के लिए बहुत ज़रूरी है। इससे किडनी को अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

2. नमक (सोडियम) कम खाएँ

ज़्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

3. ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखें

डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी के दो सबसे बड़े कारण हैं। इन्हें नियंत्रित रखना बहुत ज़रूरी है।

4. स्वस्थ आहार लें

ताज़ा भोजन, कम चीनी, कम वसा और कम कोलेस्ट्रॉल वाला आहार किडनी के लिए अच्छा होता है।

5. सक्रिय रहें

नियमित शारीरिक गतिविधि (पैदल चलना, तैरना, डांस) किडनी के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

6. धूम्रपान और शराब से बचें

धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन किडनी को नुकसान पहुँचाता है।

7. नियमित जाँच करवाएँ

अगर आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर है या आपकी उम्र 40+ है, तो साल में कम से कम एक बार किडनी की जाँच (क्रिएटिनिन, eGFR, यूरिन टेस्ट) ज़रूर करवाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है?

एक स्वस्थ किडनी हर दिन लगभग 150 से 200 लीटर खून फिल्टर करती है। इसमें से केवल 1-2 लीटर ही पेशाब के रूप में बाहर निकलता है।

2. किडनी हर मिनट कितना खून फिल्टर करती है?

एक स्वस्थ किडनी हर मिनट लगभग 120-125 मिलीलीटर (लगभग आधा कप) खून फिल्टर करती है।

3. शरीर का सारा खून किडनी से कितनी बार गुजरता है?

शरीर का सारा खून हर 5 मिनट में किडनी से गुजरता है। एक दिन में ऐसा लगभग 300 बार होता है।

4. GFR (ग्लोमेरुलर फ़िल्ट्रेशन रेट) क्या है?

GFR वह दर है जिस पर किडनी खून को फिल्टर करती है। सामान्य GFR 90 mL/min/1.73 m² या उससे अधिक होता है। 60 से कम GFR किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है।

 

5. क्या किडनी सिर्फ खून साफ करने का काम करती है?

नहीं, किडनी कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी करती है  रक्तचाप नियंत्रण, लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण, विटामिन डी को सक्रिय करना, और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना।

6. किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

शुरुआती लक्षणों में पैरों में सूजन, थकान, हाई ब्लड प्रेशर, पेशाब में बदलाव, खुजली और उल्टी शामिल हैं। अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

7. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए?

पर्याप्त पानी पिएँ, नमक कम खाएँ, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखें, स्वस्थ आहार लें, सक्रिय रहें, और नियमित जाँच करवाएँ।

8. क्या एक किडनी से भी जीवित रह सकते हैं?

हाँ, अगर एक किडनी खराब हो जाए या निकाल दी जाए, तो दूसरी किडनी अपना आकार बढ़ाकर सामान्य किडनी कार्यक्षमता का 75% तक काम कर सकती है।

9. किडनी फेलियर होने पर क्या होता है?

किडनी फेलियर GFR 15 से कम में किडनी खून को ठीक से साफ नहीं कर पाती। इस स्थिति में डायलिसिस (हेमोडायलिसिस या पेरिटोनियल डायलिसिस) या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है।

 निष्कर्ष

तो अब आप जान गए हैं कि किडनी हर दिन कितना खून साफ करती है  लगभग 150 से 200 लीटर! यह आपके शरीर की एक ऐसी अद्भुत मशीन है जो बिना किसी रुकावट के, 24 घंटे, आपके खून को साफ करती रहती है। यह सिर्फ खून छानने का काम नहीं करती, बल्कि आपके ब्लड प्रेशरलाल रक्त कोशिकाओंहड्डियों और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को भी बनाए रखती है।

लेकिन याद रखें  किडनी को स्वस्थ रखने की ज़िम्मेदारी आपकी है। पानी पिएँ, नमक कम खाएँ, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखें, और नियमित जाँच करवाएँ। किडनी की बीमारी अक्सर चुपके से आती है, इसलिए शुरुआती चरण में ही इसका पता लगाना बहुत ज़रूरी है।

आपकी किडनियाँ आपके लिए हर दिन 200 लीटर खून साफ करती हैं  क्या आप उनके लिए थोड़ा सा ध्यान नहीं दे सकते?


Hidden Knowledge

Hello, I am A.K Gudiyal, I am a resident of Pauri Garhwal, Uttarakhand. I am a blog writer and my aim as a writer is to give messages to readers that inspire them and bring positive changes in their lives. In my articles I not only write on travel and lifestyle but also share experiences about technology, nature and special people. I share sports inspiration and stories in my articles, so that readers are inspired to adopt them in their lives. As a nature lover, I try to put into words the beauty of mountains, rivers and lush greenery. I believe that connecting with nature gives us mental peace and balance. Because I am an Indian, I would like that through my articles you should get the experience and knowledge of the historical journey from ancient unbroken India to present day India. My writing is an effort to inspire everyone, so that together we can create a positive and inspiring world. Name-A.K.Gudiyal Email Address -kumaranoop3200@gmail.com Contact Number--9557938679

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने