क्या व्यायाम से हड्डियाँ मजबूत होती हैं?
परिचय
जब भी हम व्यायाम की
बात करते हैं,
तो ज़्यादातर लोग दिल
की सेहत,
वज़न घटाने या मानसिक
स्वास्थ्य के बारे में सोचते हैं। हड्डियाँ शायद ही कभी इस सूची में शामिल होती हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि नियमित व्यायाम सिर्फ़ मांसपेशियों और दिल के लिए ही
नहीं, बल्कि आपकी हड्डियों के लिए भी
उतना ही महत्वपूर्ण है? हाँ, व्यायाम से
हड्डियाँ मजबूत होती हैं और
यह कोई मिथक नहीं, बल्कि
विज्ञान सम्मत सत्य है।
हड्डियाँ शरीर के कुछ
अंगों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। ये लिविंग टिश्यू हैं, जो शरीर के स्केलेटन का निर्माण
करते हैं। मजबूत हड्डियाँ न केवल शरीर के वजन को सहन करने में सक्षम होती हैं, बल्कि शरीर के आवश्यक मिनरल्स को
स्टोर करती हैं और रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती हैं। इस लेख में हम
विस्तार से जानेंगे कि व्यायाम हड्डियों को कैसे मजबूत करता है, कौन से व्यायाम सबसे अधिक
लाभकारी हैं,
और किस उम्र में किस
तरह का व्यायाम करना चाहिए।
हड्डियाँ
कमजोर क्यों होती हैं?
हड्डियाँ कई कारणों से कमजोर हो सकती हैं, जिनमें बढ़ती उम्र, पोषण की कमी, हार्मोनल परिवर्तन और निष्क्रिय जीवनशैली प्रमुख हैं। शरीर को मजबूत हड्डियों के लिए पर्याप्त कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन D, विटामिन K और प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यदि भोजन में इन पोषक तत्वों की कमी हो या धूप से पर्याप्त विटामिन D न मिले, तो हड्डियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का उपयोग, थायरॉयड संबंधी विकार तथा नियमित व्यायाम की कमी भी हड्डियों को कमजोर कर सकती है। कमजोर हड्डियाँ आसानी से टूट सकती हैं और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है। संतुलित आहार, नियमित भार-वहन व्यायाम, पर्याप्त धूप और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है।
हमारी हड्डियाँ बाहर
से भले ही मजबूत दिखती हों, लेकिन
उनके अंदर लगातार बदलाव होते रहते हैं। हड्डियाँ एक जीवित ऊतक हैं जो लगातार टूटती
और बनती रहती हैं। युवावस्था में नई हड्डी बनने की रफ्तार पुरानी हड्डी टूटने की
रफ्तार से अधिक होती है, जिससे
हड्डियाँ घनी और मजबूत बनती हैं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया उलट जाती
है नई
हड्डियां बनने की रफ्तार कम होने लगती है।
30-35 वर्ष की आयु के बाद हड्डियों का खनिज घनत्व धीरे-धीरे घटने लगता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट के कारण यह प्रक्रिया और भी तेज हो जाती है। यही कारण है कि 40-45 साल के बाद हड्डियों की सेहत पर खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है।हड्डियों के कमजोर होने में योगदान देने वाले प्रमुख कारक हैं-
- बढ़ती उम्र और हार्मोनल परिवर्तन
- बढ़ती उम्र और हार्मोनल परिवर्तन
- पोषक तत्वों की कमी (कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन)
- गतिहीन जीवनशैली और व्यायाम की कमी
- दीर्घकालिक चिकित्सा स्थितियां और कुछ दवाएं
- धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन
· व्यायाम से हड्डियाँ कैसे मजबूत होती हैं?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो व्यायाम हड्डियों पर
नियंत्रित यांत्रिक दबाव उत्पन्न
करता है, जिससे हड्डियाँ स्वयं
को अधिक मजबूत बनाने की प्रक्रिया शुरू करती हैं। जब हम दौड़ते हैं, तेज़ चलते हैं, सीढ़ियाँ चढ़ते हैं या भार उठाने वाले व्यायाम
करते हैं, तो हड्डियों में
सूक्ष्म तनाव पैदा होता है। इस तनाव को महसूस करके ऑस्टियोसाइट कोशिकाएँ संकेत भेजती हैं, जिससे ऑस्टियोब्लास्ट नई हड्डी का निर्माण तेज़ कर देते हैं
और हड्डियों में अधिक कैल्शियम तथा अन्य खनिज जमा होने लगते हैं। परिणामस्वरूप
हड्डियों का खनिज घनत्व बढ़ता है और वे पहले से अधिक मजबूत बनती
हैं। नियमित व्यायाम हड्डियों के टूटने की प्रक्रिया को धीमा करता है तथा
ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का जोखिम कम करता है। साथ ही व्यायाम मांसपेशियों
को भी मजबूत बनाता है, जिससे
हड्डियों पर बेहतर सहारा मिलता है, संतुलन
सुधरता है और गिरने तथा फ्रैक्चर की संभावना घट जाती है। इसलिए बचपन से लेकर
वृद्धावस्था तक नियमित शारीरिक गतिविधि मजबूत और स्वस्थ हड्डियों के लिए अत्यंत
महत्वपूर्ण मानी जाती है।
व्यायाम हड्डियों को
कई तरीकों से मजबूत बनाता है-
1.
हड्डियों पर यांत्रिक
दबाव डालना
जब आप व्यायाम करते
हैं, विशेष रूप से भार वहन करने वाले व्यायाम, तो आपकी हड्डियों पर यांत्रिक
दबाव पड़ता है। इस दबाव के जवाब में हड्डियाँ अधिक घनी और मजबूत बनती हैं। यह प्रक्रिया वोल्फ का
नियम कहलाती
है हड्डियाँ
उस दिशा में मजबूत होती हैं जिस दिशा में उन पर दबाव पड़ता है।
2.
हड्डी निर्माण
कोशिकाओं (ऑस्टियोब्लास्ट) को उत्तेजित करना
व्यायाम हड्डी
निर्माण कोशिकाओं को सक्रिय करता है, जो
नई हड्डी के ऊतक बनाने का काम करती हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व
धीरे-धीरे बढ़ता है।
3.
मांसपेशियों को मजबूत
बनाना
जब आप मांसपेशियों को
मजबूत बनाते हैं, तो
वे हड्डियों पर खिंचाव डालती हैं, जिससे
हड्डियाँ भी मजबूत होती हैं। मांसपेशियों और हड्डियों का यह परस्पर संबंध मस्कुलोस्केलेटल
सिस्टम का
एक महत्वपूर्ण पहलू है।
4.
हार्मोनल संतुलन में
सुधार
नियमित व्यायाम हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हड्डी-निर्माण हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है।
हड्डियों के लिए सर्वोत्तम व्यायाम
मजबूत और स्वस्थ हड्डियों के लिए ऐसे व्यायाम सबसे प्रभावी माने जाते हैं जो हड्डियों पर सुरक्षित और नियंत्रित भार डालते हैं। वेट-बेयरिंग व्यायाम, जैसे तेज़ चलना, जॉगिंग, सीढ़ियाँ चढ़ना, रस्सी कूदना और हल्की दौड़, हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे डम्बल उठाना, रेजिस्टेंस बैंड का उपयोग करना या शरीर के वजन से किए जाने वाले व्यायाम (स्क्वाट, लंज, पुश-अप) हड्डियों और मांसपेशियों दोनों को मजबूत बनाते हैं। योग और ताई-ची संतुलन, लचीलापन और शरीर के समन्वय में सुधार करते हैं, जिससे गिरने और फ्रैक्चर का खतरा कम होता है। नियमित रूप से सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता का व्यायाम और सप्ताह में 2–3 दिन शक्ति बढ़ाने वाले व्यायाम करना लाभदायक माना जाता है। हालांकि जिन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस, गंभीर जोड़ों की समस्या या पुराना फ्रैक्चर हो, उन्हें किसी भी नए व्यायाम कार्यक्रम को शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त विटामिन D मिलकर हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रकार के व्यायाम सबसे अधिक लाभकारी हैं-
1. भार
वहन करने वाले व्यायाम
इन
व्यायामों में आपके पैर और शरीर का वजन हड्डियों पर दबाव डालता है। ये हड्डियों के
घनत्व को बढ़ाने में सबसे प्रभावी हैं।
उदाहरण-
·
पैदल
चलना (Walking): सबसे
आसान और सुरक्षित व्यायाम
·
दौड़ना
(Running/Jogging)
·
सीढ़ियाँ
चढ़ना (Stair Climbing)
·
नृत्य
(Dancing)
·
हाइकिंग
(Hiking)
2. प्रतिरोध
प्रशिक्षण / भारोत्तोलन (Resistance Training / Weight Lifting)
यह हड्डियों को
मजबूत करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ
डॉ. मानन वोरा के अनुसार, "हड्डियों के
घनत्व को गिरने से रोकने का एकमात्र तरीका बाहरी वजन उठाना है"।
भारोत्तोलन के लाभ-
·
मांसपेशियों
का निर्माण
·
हड्डियों
की मजबूती
·
सरकोपेनिया (मांसपेशियों का क्षय) को कम करना
·
डायनेपेनिया (मांसपेशियों की ताकत का कम होना)
को रोकना
·
ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के घनत्व में कमी) से
बचाव
डॉ.
सुधीर कुमार (अपोलो हॉस्पिटल्स, हैदराबाद)
के अनुसार, "स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सरकोपेनिया, डायनेपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस
को कम कर सकती है"।
इसके अलावा,
वजन उठाने से मेटाबोलिक हेल्थ में भी सुधार होता है
यह इंसुलिन
संवेदनशीलता बढ़ाता है और डायबिटीज, मोटापा
और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम करता है।
उदाहरण-
·
डम्बल
और केटलबेल के साथ व्यायाम
·
रेजिस्टेंस
बैंड के साथ व्यायाम
·
बॉडीवेट
व्यायाम (पुश-अप्स, स्क्वैट्स, लंजेस)
3. संतुलन
और लचीलापन प्रशिक्षण (Balance and Flexibility Training)
ये
व्यायाम गिरने के जोखिम को कम करते हैं, जो बुजुर्गों में हड्डी टूटने का
सबसे बड़ा कारण है।
उदाहरण-
· योग न सिर्फ हड्डियों को मजबूत करता है, बल्कि मांसपेशियों को लचीला और संतुलित बनाता है
·
40 की
उम्र के बाद सिर्फ वॉकिंग से काम क्यों नहीं चलता?
अक्सर
लोग सोचते हैं कि रोजाना टहल लेना ही हड्डियों को मजबूत रखने के लिए काफी है, लेकिन फिटनेस कोच
और हेल्थ इंफ्लुएंसर अक्षय एस शेट्टी का कहना है कि सिर्फ वॉकिंग
से काम नहीं चलेगा।
40 की उम्र के बाद हड्डियां
धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और वेट ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा
बनाना जरूरी है।
क्यों?
·
वॉकिंग
निचले शरीर की हड्डियों के लिए तो अच्छी है, लेकिन रीढ़, कूल्हों और
कलाई की
हड्डियों पर पर्याप्त दबाव नहीं डालती
·
वेट
ट्रेनिंग सभी हड्डियों पर समान रूप से दबाव डालती है
हड्डियों
के स्वास्थ्य के लिए संपूर्ण दृष्टिकोण
हड्डियों का स्वास्थ्य केवल कैल्शियम की
गोलियां लेने से सुनिश्चित नहीं होता, बल्कि इसके लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। मजबूत
हड्डियों के लिए कैल्शियम, विटामिन D, विटामिन K, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और
पर्याप्त प्रोटीन से भरपूर आहार लेना चाहिए। नियमित रूप
से धूप में 15–30 मिनट
बिताने से शरीर में विटामिन D का
निर्माण होता है, जो
कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही तेज़ चलना,
सीढ़ियाँ चढ़ना, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य वेट-बेयरिंग
व्यायाम हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करते हैं।
पर्याप्त नींद लेना, तनाव को नियंत्रित रखना और धूम्रपान तथा अत्यधिक शराब के सेवन से बचना भी हड्डियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। बढ़ती उम्र, रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) या ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम वाले लोगों को समय-समय पर बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) की जांच करानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में विटामिन D या कैल्शियम की कमी हो, तो चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरक (सप्लीमेंट) लेना उचित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से हड्डियाँ जीवित ऊतक हैं, जो लगातार टूटने और बनने की प्रक्रिया से गुजरती रहती हैं। इसलिए सही पोषण, नियमित व्यायाम, पर्याप्त धूप, स्वस्थ आदतें और समय पर चिकित्सकीय जांच, ये सभी मिलकर हड्डियों को जीवनभर मजबूत, लचीला और फ्रैक्चर से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी संपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
व्यायाम
के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार भी
उतना ही महत्वपूर्ण है। याद रखें सिर्फ कैल्शियम की खुराक लेना ही पर्याप्त नहीं
है; हड्डियों
के निर्माण और मजबूती की प्रक्रिया में शारीरिक गतिविधियां भी आवश्यक भूमिका निभाती हैं।
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्व
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और विटामिन K अत्यंत आवश्यक हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों के निर्माण, खनिज घनत्व बढ़ाने और मजबूती बनाए रखने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संतुलित आहार और पर्याप्त धूप स्वस्थ एवं मजबूत
हड्डियों के लिए आवश्यक हैं।
|
पोषक तत्व | स्रोत | भूमिका |
|
कैल्शियम |
दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियाँ |
हड्डियों की मुख्य संरचना |
|
विटामिन डी |
सूर्य का प्रकाश, अंडे, फोर्टिफाइड दूध |
कैल्शियम अवशोषण में सहायक |
|
प्रोटीन |
मांस, अंडे, दालें, सोयाबीन |
हड्डियों की संरचना और मरम्मत |
विशेषज्ञों
की राय
हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक),
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और पोषण विशेषज्ञों
के अनुसार मजबूत हड्डियों की नींव बचपन और किशोरावस्था में पड़ती है, लेकिन उनकी देखभाल जीवनभर आवश्यक रहती
है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर संतुलित आहार, नियमित वेट-बेयरिंग व्यायाम तथा पर्याप्त
धूप हड्डियों को स्वस्थ रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। वे यह भी बताते हैं कि
धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन
और निष्क्रिय जीवनशैली हड्डियों के घनत्व को कम कर सकते हैं। 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, विशेषकर महिलाओं को, आवश्यकता पड़ने पर बोन मिनरल डेंसिटी (BMD)
की जांच करानी चाहिए। किसी भी सप्लीमेंट
या दवा का सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, क्योंकि सही निदान और समय पर देखभाल से
ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किस
उम्र में कौन सा व्यायाम करें?
हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए
उम्र के अनुसार व्यायाम का चयन करना महत्वपूर्ण है। बच्चों और किशोरों के लिए दौड़ना, कूदना, रस्सी कूदना और आउटडोर खेल हड्डियों के
विकास में सहायक होते हैं। 20 से 40 वर्ष की आयु में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, जॉगिंग, साइकिलिंग और वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज
हड्डियों का घनत्व बढ़ाने में मदद करती हैं। 40 से 60 वर्ष के लोगों को तेज़ चलना, योग, हल्का भार उठाना और संतुलन बढ़ाने वाले
व्यायाम करने चाहिए, ताकि
हड्डियाँ और मांसपेशियाँ मजबूत रहें। 60 वर्ष से अधिक आयु में वॉकिंग,
ताई-ची, हल्का योग, स्ट्रेचिंग और डॉक्टर की सलाह के अनुसार
हल्के शक्ति व्यायाम सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। किसी भी उम्र में नियमित
व्यायाम, संतुलित आहार और
पर्याप्त विटामिन D का
सेवन हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अक्सर
पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या
व्यायाम से हड्डियों का घनत्व प्राकृतिक रूप से बढ़ सकता है?
नियमित
व्यायाम से हड्डियों के ऊतक विकसित और मजबूत होते हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व
धीरे-धीरे बढ़ता है। विशेष रूप से भार वहन करने वाले व्यायाम और प्रतिरोध
प्रशिक्षण हड्डियों
को उत्तेजित करते हैं।
2. क्या
सिर्फ पैदल चलना हड्डियों के लिए पर्याप्त है?
40 की
उम्र के बाद सिर्फ पैदल चलना पर्याप्त नहीं है। हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत
रखने के लिए वेट ट्रेनिंग
या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को
भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।
3. क्या
योग से हड्डियाँ मजबूत होती हैं?
योग
न सिर्फ हड्डियों को मजबूत करता है, बल्कि
मांसपेशियों को लचीला और संतुलित बनाता है। इससे शरीर का संतुलन सुधरता है और
गिरने का जोखिम कम होता है।
4. क्या
भारोत्तोलन (वेट लिफ्टिंग) सभी उम्र के लोग कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन उम्र और फिटनेस स्तर के अनुसार वजन और तीव्रता समायोजित करनी
चाहिए। बुजुर्गों को हल्के वजन से
शुरू करना चाहिए और किसी प्रशिक्षक की देखरेख में व्यायाम करना चाहिए।
5. हड्डियों
को मजबूत बनाने के लिए कितने दिन व्यायाम करना चाहिए?
विशेषज्ञ सप्ताह में
कम से कम 3-4 दिन व्यायाम करने की सलाह देते हैं।
इसमें भार वहन करने
वाले व्यायाम, प्रतिरोध प्रशिक्षण और संतुलन
अभ्यास शामिल
होने चाहिए।
6. क्या
महिलाओं को पुरुषों से अलग व्यायाम करना चाहिए?
महिलाओं, विशेष रूप से रजोनिवृत्ति
के बाद, को
हड्डियों के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि एस्ट्रोजन के स्तर में
गिरावट से हड्डियाँ तेजी से कमजोर होती हैं। हालाँकि, व्यायाम के प्रकार समान हो सकते हैं, लेकिन तीव्रता अलग हो सकती है।
7. क्या
व्यायाम ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकता है?
हाँ, नियमित शारीरिक गतिविधि विशेष रूप से भार वहन करने
वाले और प्रतिरोध
प्रशिक्षण हड्डियों
के खनिज घनत्व में सुधार करती है और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करती है।
निष्कर्ष
हड्डियाँ हमारे शरीर का आधार हैं और
इन्हें मजबूत बनाए रखना स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। हड्डियों का
स्वास्थ्य केवल कैल्शियम पर निर्भर नहीं करता, बल्कि संतुलित आहार, पर्याप्त विटामिन D, नियमित वेट-बेयरिंग व्यायाम, धूप, अच्छी नींद और स्वस्थ जीवनशैली का
संयुक्त प्रभाव महत्वपूर्ण होता है। हड्डियाँ जीवित ऊतक हैं, जो जीवनभर लगातार टूटने और बनने की
प्रक्रिया से गुजरती रहती हैं। इसलिए हर उम्र में उनकी उचित देखभाल आवश्यक है।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, विशेषकर
जोखिम वाले लोगों में बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) की जांच, भविष्य में ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर
के खतरे को कम कर सकती है। सही जानकारी और नियमित देखभाल अपनाकर हम अपनी हड्डियों
को लंबे समय तक मजबूत, स्वस्थ
और सक्रिय बनाए रख सकते हैं, जिससे
जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है।
क्या
व्यायाम से हड्डियाँ मजबूत होती हैं?
इस सवाल का जवाब एक
सशक्त "हाँ" है। विज्ञान, शोध और विशेषज्ञों की राय
सभी इस बात की पुष्टि
करते हैं कि नियमित
व्यायाम हड्डियों को मजबूत, घना और
स्वस्थ बनाता है।
हालाँकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि सभी व्यायाम
समान नहीं होते।
हड्डियों को मजबूत
बनाने के लिए भार वहन करने
वाले व्यायाम और प्रतिरोध
प्रशिक्षण सबसे
प्रभावी हैं। 40 की
उम्र के बाद सिर्फ पैदल
चलना पर्याप्त नहीं है
आपको वेट ट्रेनिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना
होगा।
याद रखें आज ही अपनी
दिनचर्या में उचित व्यायाम को शामिल करें और अपनी हड्डियों को जीवन भर मजबूत बनाए
रखें!